लैला-मजनूं ने इस मजार पर दी थी जान, कपल्स मांगते हैं मन्नत

  नई दिल्ली. दुनिया में सैकड़ों साल बाद भी लैला-मजनूं की प्रेम कहानी अमर है। इसका इतिहास कहीं न कहीं भारत से भी नाता रखता है। कहा जाता है कि दोनों ने अपनी जिंदगी के आखिरी लम्हे पाकिस्तान बार्डर के महज 2 किलोमीटर दूर राजस्थान की जमीन पर गुजारे थे। उनकी याद में श्रीगंगानर जिले में 'लैला-मजनूं' की मजार बनी है। जहां हर साल 15 जून महीने में मेला लगता है। हिंदुस्तान और पाकिस्तान से हर मजहब के लोग अनूपगढ़ तहसील के गांव बिंजोर में बनी इस मजार पर मन्नत मांगने आते हैं।   राजस्थान में हुई थी लैला-मजनूं की मौत  लोगों का मानना है कि लैला-मजनूं सिंध प्रांत के रहने वाले थे। उनकी मौत यही हुई थी यह तो सब मानते है, लेकिन मौत कैसे हुई इसके बारे में कई मत है। कुछ लोगों का मानना है कि लैला के भाई को जब दोनों के इश्क का पता चला तो उसे बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने क्रूर तरीके से मजनूं की हत्या कर दी। लैला को जब इसका पता चला तो वह मजनूं के शव के पास पहुंची और खुदकुशी कर जान दे दी। कुछ लोगों का मत है कि घर से भाग कर दर-दर भटकने के बाद वे यहां तक पहुंचे और प्यास से उन दोनों की…

bhaskar