जारी होने से पहले ही कंपनियों के आकड़े वॉट्सऐप पर हो रहे लीक

मंबई
डॉ. रेड्डी लैबरेट्रीज के तिमाही नतीजे आने से पहले एक मेसेज कई वॉट्सऐप ग्रुप्स में सर्कुलेट किया गया, इस मेसेज मे कहा गया था कि इस बार के तिमाही नतीजों में कंपनी को घाटे का सामना करना पड़ेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करने पर आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज में ऑटो ऐनालिस्ट के पद पर काम करने वाल निशांत वास ने बताया कि यह मेसेज ‘मार्केट चैटर’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजा गया था। इस ग्रुप से कुल 45 लोग जुड़े हैं जिनमें से ज्यादातर ट्रेडर्स हैं।

कंपनी को लॉस होना ज्यादातर लोगों के लिए आश्चर्य की बात होती, क्योंकि थॉमसन रॉयटर्स ने इस तिमाही में कंपनी को 3,00 करोड़ रुपये के प्रॉफिट की भविष्यवाणी की थी। जैसा कि मेसेज में लिखा था 27 जुलाई को तिमाही के नतीजे आने पर कंपनी को 58 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी के शेयर्स के शएयर्स 4 फीसदी से ज्यादा गिर गए थे। उस वक्त कंपनी ने नतीजों के उम्मीद से विपरीत बताया था।

जांच करने पर पता चला कि जो मेसेज सर्कुलेट किया गया था उसमें कंपनी को 50 करोड़ को घाटा होने की भविष्यवाणी की गई थी। रायटर्स ने अलग-अलग वॉट्सग्रुप की जांच में कई कंपनियों के नतीजों के बारे में ऐसे ही भविष्यवाणी का पता लगाया है। इनमें ज्यादातर मेसेज कंपनियों के द्वारा आंकड़े जारी करने से पहले कुछ घंटे पहले या फिर कुछ दिन पहले भेजे गए थे। यह संभव है कि ऐसे इन मेसेज में केवल भविष्यवाणी की गई हो और आंकड़े सही साबित हो गए हों। हालांकि कुछ आकंड़े इनमें गलत भी निकले।

काफी समय तक सेबी के साथ जुड़े रहे वकीलों का कहना है कि किसी भी ग्रुप पर शेयर किए गए ऐसे मेसेज अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फर्मेशन की श्रेणी में आते हैं तो यह कानून उल्लंघन है। ऐसा करना वालों पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि सेबी ने इस मुद्दे पर संपर्क किए जाने पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस तरह की जानकारी सर्कुलेट करने पर 25 कोरड़ का जुर्माना और 10 साल तक की कैद हो सकती है। अगर यह पता चल जाए कि जानकारी लीक करने वाले ने आंकडे़ को पासे के बदले बेचा है तो जुर्माने की राशि 25 करोड़ बढ़ाई भी जा सकती है।

आईसीआईसीआई सिक्यॉरिटीज ने इस मुद्दे पर कहा ‘हम इसके लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं। किसी भी तरह के अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इन्फर्मेशन को लीक से बचाने के लिए हम पुख्ता व्यवस्था करते हैं।’ तिमाही आंकड़े वॉटसऐप पर सर्कुलेट होने के बारे में जब डॉ. रेड्डी लैबरेट्रीज से संपर्क किया गया तो उन्होंने ऐसे किसी में जे की जानकारी होने से इनकार कर दिया। आपको बता दें कि इसी तरह का एक और मामला हाल ही में सामने आया था जब एक ब्रोकरेज फर्म के कर्मचारी ने ऐक्सिस बैंक का आंकड़े की भविष्यवाणी करते हुए मेसेज भेजा था, यह आंकड़े बाद में सच साबित हुए थे।

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