रिटेल इन्वेस्टर्स से गुलजार शेयर बाजार

– जीडीपी आंकड़ों ने दी संसेक्स ने 241 अंकों की सलामी, छह महीने के उच्च स्तर पर

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सेंसेक्स में तेजी की वजह

– सरकार के अनुमान से ज्यादा Q3 के जीडीपी आंकड़े

– फैक्टरी आउटपुट में लगातार दूसरी महीने बढ़ोतरी

– नोटबंदी के बाद भी मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई डेटा का बढ़ना

– इस साल 10 पर्सेंट बढ़ चुका है शेयर बाजार

– एग्रीकल्चर ग्रोथ का 6 पर्सेंट से बढ़ना

– जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का ग्रोथ रेट 7 पर्सेंट

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घरेलू निवेशकों से हुआ बाजार गुलजार

– नोटबंदी के बाद विदेशी निवेशकों ने की लगातार बिकवाली

– घरेलू संस्थागत निवेशकों ने पिछले दो महीने में 14,000 करोड़ के शेयर खरीदे

– इक्विटी म्यूचुअल फंड में हर महीने एसआईपी से आ रहे हैं 3000 करोड़

– रिटेल निवेशकों का शेयर बाजार में बढ़ा रुझान

– लोकल निवेशकों से बजट के बाद बढ़ाया बाजार

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दलाल स्ट्रीट ने नोटबंदी के बाद आए जीडीपी वृद्धि के तीसरी तिमाही के अनुमान से अधिक आए आंकड़ों को सलामी दी और सेंसेक्स 241 अंक की छलांग के साथ 28,985 अंक के छह माह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। जानकारों का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आए अच्छे आंकड़े व एग्रीक्लचर सेक्टर में वृद्धि का रेकार्ड उच्चस्तर पर पहुंचना आने वाले दिनों में सेंसेक्स की रैली का मुख्य कारण बनेंगे। मार्केट में जारी तेजी में एक सबसे सुखद बात यह है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों व एसआईपी के जरिए आए म्यूचुअल फंड में आए रिटेल निवेशक इस तेजी के ड्राइवर बने हैं।

– एग्रीकल्चर 6 पर्सेंट ग्रोथ

मार्केट एक्सपर्ट एस.पी. तुलस्यान का मानना है कि एग्रीकल्चर में आई 6 पर्सेंट ग्रोथ आने वाले समय में ग्रामीण खपत में तेजी का रुख बताती है। जीडीपी आंकड़ों ने उन लोगों के दावों को निराधार साबित कर दिया है जो ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर बातें कर रहे थे, कृषि क्षेत्र की वृद्धि रेकार्ड उच्चस्तर पर पहुंची है। यह Q4 में भी देखने को मिलेगी क्योंकि तब रबी की फसल आएगी। लगभग सभी मुख्य सेक्टर में बहुत अच्छा ऑफटेक है और इसका असर आने वाले दिनों में मार्केट रैली के रुप में दिखाई देगा।

– रिवाइज एस्टिमेट को लेकर चिंता

क्रिसिल के चीफ इकॉनमिस्ट डी.के जोशी कहते हैं, ‘यह जीडीपी का पहला एेस्टिमेट है और इसमें नोटबंदी के बाद असंगठित क्षेत्रों में आई गिरावट को कैप्चर करना मुश्किल होता है। इसलिए हो सकता है रिवाइज एेस्टिमेट में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े थोड़ा निराश करें। लेकिन मॉनेटिरी व ‌फिस्कल पॉिलसी को देखते हुए जीडीपी के ताजा आंकड़े सरकार के अनुमान के अनुसार हैं। आर्थिक वृद्धि में तेजी के संकेत को लेकर सरकार ने दावे भी किए हैं।’ गौरतलब है कि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में फरवरी में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इसका ग्रोथ रेट कम रहा है और इन्फ्लेशन के बढ़ते प्रेशर के कारण कंपनियों को कंज्यूमर्स के लिए प्राइसेज बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है।

– इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरफ बढ़ा आकर्षण

रिलायंस म्यूचुअल फंड के सीईओ संदीप सिक्का के अनुसार पिछले दो साल से सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान(एसआईपी) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश की तरफ रिटेल निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। निवेशक हर महीने अपनी बचत एसआईपी के जरिए डाल रहे हैं और उन्हें अच्छे रिटर्न भी मिल रहे हैं। असल में शेयर बाजार से रिटर्न पाने का यह आसान जरिया अब आम आदमी को मुफीद लगने लगा है।

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‘ इंडिया इंक की अनुमान से अच्छी अर्निंग, जीडीपी ग्रोथ के अनुमान से अधिक आंकड़े, सर्पोटिव बजट, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी व नोटबंदी के बाद बैंक एफडी से मिलने वाली कम ब्याज दर से परेशान निवेशकों का रिटर्न के लिए शेयर बाजार की तरफ रुख करना ही बाजार में तेजी का कारण है।’

– एस.पी. तुलस्यान, मार्केट एक्सपर्ट

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‘ रिटेल निवेशकों का रुझान एसआईपी में लगातार बढ़ रहा है और नोटबंदी की बाद इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। बैंकों में डिपॉजिट पर ब्याज दरें कम होने से भी निवेशकों का रुख इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरफ बढ़ने की संभावना है। निवेशकों को फंड में इंडेक्स से अच्छा रिटर्न मिलता है और एसआईपी में यह फायदा बढ़ जाता है।’

संदीप सिक्का, सीईओ, रिलायंस म्यूचुअल फंड

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