चीन ने कहा, ‘लियू शाओबो को नोबेल देना था ईशनिंदा’

पेइचिंग
लोकतंत्र समर्थक और कम्युनिस्ट पार्टी के विरोधी रहे लियू शाओबो के निधन के बाद अंतरराष्ट्रीय आलोचना झेल रहे चीन ने शाओबो को साल 2010 में नोबेल पुरस्कार दिए जाने को ईशनिंदा करार दिया है। शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि चीन अपनी न्याययिक संप्रभुता में हस्तक्षेप करने वाले कई देशों को विरोध जाहिर कर चुका है।

गेंग ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘लियू जैसे लोगों को पुरस्कार देना नोबेल के उद्देश्य के खिलाफ है। यह शांति पुरस्कार की ईशनिंदा के बराबर है।’

वहीं अमेरिका और यूरोपियन यूनियन ने लियू शाओबो के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी और चीन के राष्ट्रपति चिनफिंग से लियू की विधवा को रिहा करने को कहा है। चीन ने लियू की पत्नी को साल 2010 से नजरबंद रखा है। नोबेल पुरस्कार विजेता लियू शियावबो की देश से बाहर जाने की अंतिम इच्छा पूरी नहीं करने को लेकर कम्युनिस्ट देश की बेहद कटु आलोचना हो रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनकी विधवा पत्नी को रिहा करने को लेकर चीन पर दबाव बना रहा है।

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चीनी डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर से जूझ रहे लियू के अंतिम क्षणों में उनकी पत्नी साथ में थीं। चीन सरकार ने लियू शिया का बाहरी दुनिया से संपर्क काटा हुआ है और किसी को उनके रहने के स्थान का पता नहीं है।

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