दलित महिला अफसर को प्रताड़ित करने के आरोप में डीएसओ पर केस

बुलंदशहर बुलंदशहर पूर्ति विभाग में बतौर निरीक्षक तैनात दलित महिला अफसर के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि डीएसओ डीपी त्रिपाठी पीड़िता को उसके दलित होने की वजह से रोज बेइज्जत करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने जिला पूर्ति अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, डीएसओ ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

पूर्ति विभाग में निरीक्षक के पद पर तैनात कृष्णा कुमारी ने आरोप लगाया है कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारिका प्रसाद त्रिपाठी उन्हें जातिसूचक शब्दों के साथ संबोधित करते हैं और उनके काम को भी पसंद नहीं किया जाता। आरोप यह भी है कि शुरू-शुरू में डीएसओ ने उनके साथ फ्लर्ट करने की कोशिश भी की थी। पीड़ित महिला अफसर का आरोप है कि जातीय भेदभाव का विरोध करने पर उनका उत्पीड़न शुरू हो गया।

स्टाफ के सामने खराब व्यवहार किया गया। इसके ऑडियो और विडियो प्रमाण सहित उन्होंने डीएम से इसकी शिकायत की है। डीएम के आदेश पर एडीएम प्रशासन को मामले की जांच सौंपी गई और जिला प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस ने डीएसओ डीपी त्रिपाठी के खिलाफ प्रताड़ना, अश्लीलता और महिला उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सत्य प्रतीत हो रहा है।

केस दर्ज कर लिया गया है। मामला बड़े अधिकारी के खिलाफ है और पुलिस पुख्ता सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। जांच के बाद डीएसओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएसओ द्वारिका प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद हैं। वह ऑफिस में काम नहीं करती हैं और अपनी जिम्मेदारियों से बचती रहती हैं। उनसे बस काम को सही तरह से करने के लिए कहा गया था।

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