कैलाश सत्यार्थी को ‘हार्वर्ड ह्यूमैनिटेरियन ऑफ द इयर’ अवॉर्ड

वॉशिंगटन

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी को बाल अधिकारों की रक्षा में उनके योगदान के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित ‘ह्यूमैनिटेरियन’ अवॉर्ड से नवाजा गया है। यह पुरस्कार पाने वाले सत्यार्थी पहले भारतीय हैं।
प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार से ऐसे व्यक्ति को सम्मानित किया जाता है जिसने लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम किया हो और लोगों को अपने कार्यों से प्रेरित किया हो।

विश्वविद्यालय ने कहा कि बाल दासता को समाप्त करने और बाल अधिकार रक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सत्यार्थी को ‘हार्वर्ड ह्यूमैनिटेरियन ऑफ द इयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। सत्यार्थी ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में बाल संरक्षण एवं कल्याण संबधी प्रावधानों को शामिल कराने में हाल में सफलता प्राप्त की है। इन प्रावधानों का लक्ष्य दासता, तस्करी, जबरन श्रम और हिंसा को समाप्त करना है।

सामाजिक कार्यकर्ता सत्यार्थी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, ‘मैं उन लाखों वंचित बच्चों की ओर से विनम्रतापूर्वक यह पुरस्कार स्वीकार करता हूं जिनके अधिकारों की रक्षा के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। आओ, हम सब मिलकर विश्व से बाल दासता को समाप्त करने का प्रण लें।’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका समेत विकसित देशों में भी सैकड़ों गुलाम बच्चे हैं, जिन्हें श्रम करने के लिए मजबूर किया जाता है, देह व्यापार में धकेला जाता है या घरेलू श्रम के लिए उनकी तस्करी की जाती है। समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों, आवश्यक दस्तावेजों के बिना रह रहे प्रवासियों को गुलामी करने के लिए मजबूर किया जाता है।’

इससे पहले यह पुरस्कार मार्टिन लूथर किंग सीनियर, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिवों- कोफी अन्नान, बुतरस बुतरस-घाली, जेवियर पेरेज सियूलेर और नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हस्तियों- जोस रामोस-होर्ता, बिशप डेसमंड टूटू, जॉन ह्यूम और एली वीजल समेत कई जानी-मानी हस्तियों को दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान महासचिव बान की मून को भी यह पुरस्कार मिल चुका है।

इस खबर को अंग्रेजी में पढ़ें- Kailash Satyarthi gets ‘Harvard Humanitarian of the Year Award’

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