‘मनोरंजन की तय हो कसौटी’, Ranveer Allahbadia के विवादित बयान के बाद सख्त नियमों की जरूरत
|India Got Latent Controversy युवा मनोरंजन के नाम पर इंटरनेट प्लेटफार्म्स पर बढ़ती उच्छृंखलता सामाजिक ताने-बाने और लैंगिक संवेदनशीलता के लिए संकट बन रही है। महिलाएं यहां मानसिक उपभोग की वस्तु हैं और नैतिकता एक मजाक। ओटीटी अराजकता के इस दौर में आवश्यकता अब सलाह से आगे बढ़कर सख्त नियमन की है इस ओर ध्यानाकर्षित करता उदय माहूरकर का ये हालिया आलेख।