ब्रिटेन के EU में रहने के पक्ष में कैमरन

लंदन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अपने देशवासियों को ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में रहने को लेकर समझाने का चुनौतीपूर्ण कार्य शुरु कर दिया है। कैमरन ने कल 28 देशों के संघ में ब्रिटेन की सदस्यता पर 23 जून को जनमतसंग्रह कराने की शनिवार को घोषणा की थी। मंत्रिमंडल में यूरोपीय संघ में ”रहने” और उसे ”छोड़ने” के मामले पर तत्काल मतभेद उत्पन्न हो गया।

कैबिनेट में भारतीय मूल की वरिष्ठतम मंत्री प्रीति पटेल यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में खुली तौर पर सामने आ गईं। ब्रसेल्स में प्रस्तावित यूरोपीय संघ समझौते पर कैमरन के संसद में संबोधन से पहले ब्रिटेन की रोजगार मंत्री ब्रिटेन के न्याय मंत्री मिशेल गोव और उत्तर आयरलैंड मंत्री तेरोसा विलियर्स के साथ मिल गईं।

पटेल ने ‘द संडे टाइम्स’ से कहा, ”यूरोपीय संघ को छोड़ने से हम उचित आव्रजन नियंत्रण बहाल कर पाएंगे और यूरोपीय नागरिकों को हमारे लाभ एवं कल्याण व्यवस्था का दुरुपयोग कने से रोक पाएंगे।” उन्होंने कहा, ”लंबे समय तक यूरोपीय संघ के बेहिसाब संस्थानों ने हमारे मामलों में दखल दिया है, हमारे देश पर अप्रिय एवं भारी कानून थोपे, हमें उन व्यक्तियों को वापस भेजने से रोका जिन्हें इस देश में नहीं होना चाहिए और उन्होंने मेहनती करदाताओं के जेब से धनराशि ली।”

उन्होंने कहा, ”प्रत्येक सप्ताह करदाताओं का 35 करोड़ पाउंड ब्रसेल्स भेजा जा रहा है और इसका इस्तेमाल इस देश में हमारे अपनी प्राथमिकताओं पर हो सकता है।” वहीं कैमरन ने यूरोप पर संशय करने वाले इन लोगों को चुनौती दी कि वे ब्रिटेन के लोगों को समझायें कि यदि ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से बाहर होने के समर्थन में मतदान किया तो देश के यूरोप के साथ संबंध कैसे होंगे।

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