फ्रेंच ओपन चैंपियन सिमोना हालेप ने बताया अपनी सफलता का राज

पैरिस
फ्रेंच ओपन 2018 की चैंपियन रोमानिया की स्टार प्लेयर सिमोना हालेप ने अपनी सफलता का राज बताया है। उन्होंने कहा कि वह जीवन में कभी हार नहीं मानने में विश्वास रखती हैं। 3 बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में शिकस्त झेलने वालीं हालेप ने शनिवार को स्लोअन स्टीफंस को हराकर फ्रेंच ओपन महिला एकल का खिताब अपने नाम किया।

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26 वर्षीय हालेप ने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे कोच ने मुझसे कहा कि खिताब जीतने उतरो। इससे मुझे आत्मविश्वास तो मिला लेकिन एक तरह का दबाव भी बन गया कि मुझे उतरना है और जीतना ही है। हो सकता है कि मैं इसलिए ही जीत गई। यह एक अच्छा प्रेशर था और उन्होंने मुझे महसूस कराया कि मैं ऐसा करने के लिए काफी मजबूत हूं।’

कोच ने बदली रणनीति
हालेप के कोच डैरेन काहिल ने फ्रेंच ओपन फाइनल से पहले उनसे एक बात कही थी। हालेप ने बताया, ‘पिछले कुछ साल से और जनवरी में मेलबर्न में कोच कहते थे- यह बड़ी बात है कि मैं फाइनल में हूं और खेल रही हैं, अपने खेल का लुत्फ उठाओ। लेकिन इस साल उन्होंने मुझसे कहा- आप ट्रोफी अपने नाम कर सकती हो, जब आप कोर्ट पर उतरो तो ये सोचना कि खिताब जीतने आई हो.. अपनी विपक्षी को मौका मत देना।’ काहिल ने एंडी मरे, आंद्रे अगासी और लेयन हेविट को भी कोचिंग दी है।

‘बिना ग्रैंड स्लैम क्या 100 प्रतिशत’
सिमोना हालेप दुनिया की नंबर-1 महिला एकल टेनिस प्लेयर तो बन गई थीं लेकिन उनके पास एक भी मेजर खिताब नहीं था और शनिवार को मिली खिताबी जीत ने उनका यह सपना भी पूरा कर दिया है। हालेप ने कहा, ‘मैं खुश हूं कि मैंने ग्रैंड स्लैम जीता। ग्रैंड स्लैम के बिना नंबर-1 बनना तो 100 प्रतिशत नहीं है।’

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